अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपने साथियों को अपनी कोई बात लिखने से मना किया था और कह दिया था कि जो क़ुरआन के अतिरिक्त कोई बात लिखे, उसे मिटा दे। अलबत्ता, इस बात की अनुमति दी थी कि वे आपकी हदीस को बयान कर सकते हैं और इसमें कोई हर्ज नहीं है। बस इस बात का ध्यान रहे कि आपसे कुछ भी नक़ल करते समय सत्यता की पुष्टि कर लिया करें। साथ ही उन्हें इस बात की चेतावनी दे दी कि जो व्यक्ति जान-बूझकर आपसे कोई झूठी बात संबद्ध करेगा, उसका प्रतिफल जहन्नम की आग है। याद रहे कि हदीस लिखने की मनाही निरस्त हो चुकी है। दरअसल अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने शुरू में हदीस लिखने से मना किया था। लेकिन हदीसों की संख्या बहुत अधिक थी और केवल याददाश्त पर भरोसा करने से कुछ हदीसों के नष्ट होने का डर था, इसलिए उन्हें लिखने की अनुमित दे दी। अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपने एक खुतबे में कहा था : "तुम अबू शाह को कुछ हदीसें लिखकर दे दो।" दरअसल उन्होंने कुछ बातें लिखकर देने की माँगी थीं। आपने अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अनहु- को भी हदीस लिखने की अनुमति दी थी। इसी तरह अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपनी उम्मत को आपकी हदीसें दूसरों तक पहुँचाने का आदेश दिया है, जबकि लिख कर न रखने की स्थिति में ज्ञान का यह भंडार नष्ट हो जाएगा। कुछ लोगों का कहना है कि यह मनाही दरअसल हदीस को क़ुरआन के साथ मिलाकर एक ही स्थान में लिखने की है, ताकि दोनों एक-दूसरे से इस तरह मिश्रित न हो जाएँ कि एक आम इन्सान के लिए अलग करना संभव न हो सके। जबकि कुछ अन्य लोगों का कहना है कि यह मनाही क़ुरआन के अवतरण के समय के लिए खास थी, ताकि क़ुरआन किसी और चीज़ के साथ मिश्रित न हो जाए। फिर बाद में इसकी अनुमति दे दी गई। इन तीनों मतों में से निरस्त होने का मत ही ज़्यादा सही लगता है।
- صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي - بيروت. - مختار الصحاح، لزين الدين أبو عبد الله محمد بن أبي بكر بن عبد القادر الحنفي الرازي، تحقيق: يوسف الشيخ محمد، نشر: المكتبة العصرية - الدار النموذجية، بيروت – صيدا، لطبعة: الخامسة، 1420هـ - 1999م. - النهاية في غريب الحديث والأثر، لابن الأثير، نشر: المكتبة العلمية - بيروت، 1399هـ - 1979م، تحقيق: طاهر أحمد الزاوى - محمود محمد الطناحي. - إكمال المعلم بفوائد مسلم لعياض بن موسى بن عياض بن عمرون اليحصبي السبتي، المحقق: الدكتور يحيى إسماعيل، الناشر: دار الوفاء للطباعة والنشر والتوزيع، مصر، الطبعة: الأولى، 1419 هـ - 1998 م. - شرح سنن النسائي المسمى «ذخيرة العقبى في شرح المجتبى»، المؤلف: محمد بن علي بن آدم الإثيوبي الوَلَّوِي، الناشر: دار المعراج الدولية للنشر - دار آل بروم للنشر والتوزيع, الطبعة الأولى, 1416- 1424. - كشف المشكل من حديث الصحيحين، لجمال الدين أبي الفرج عبد الرحمن بن علي بن محمد الجوزي، المحقق: علي حسين البواب، الناشر: دار الوطن - الرياض.