अल्लाह अरफ़ा के दिन जितने लोगों को जहन्नम से मुक्ति प्रदान करता है, उतने किसी और दिन नहीं करता। इसी तरह अल्लाह अपने हज करने वाले बंदों को अपनी वास्तविक निकटता प्रदान करता है, उनपर फ़रिश्तों के सामने अभिमान करता है और फ़रिश्तों पर हाजियों की फ़ज़ीलत एवं प्रतिष्ठा को प्रकट करता है। अह्ल-ए-सुन्नत व जमात का अक़ीदा है कि सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह अपने बंदों से, अपनी महानता एवं प्रताप के अनुरूप, वास्तविक रूप से निकट है। वह अपने अर्श के ऊपर है, अपनी सृष्टि से अलग है, वास्तविक रूप से बंदों के निकट एवं क़रीब आता है। अल्लाह कहता है : यह लोग क्या चाहते हैं कि अपने घर-परिवार को छोड़े हुए हैं, अपना धन खर्च कर रहे हैं और अपने शरीर को थका रहे हैं? यानी इनका उद्देश्य केवल क्षमा, अल्लाह की प्रसन्नता, उसकी निकटता और उससे मिलने का सौभाग्य प्राप्त करना है। अतः उनका उद्देश्य ज़रूर पूरा होगा और उन्हें उनकी नीयतों के अनुरूप श्रेणियाँ प्राप्त होंगी।
صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. المنهاج شرح صحيح مسلم بن الحجاج، للنووي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت، الطبعة: الثانية، 1392ه. مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي بن سلطان الملا الهروي القاري، الناشر: دار الفكر، بيروت – لبنان، الطبعة: الأولى، 1422هـ - 2002م. - صفات الله عز وجل الواردة في الكتاب والسنة : علوي بن عبد القادر السَّقَّاف دار الهجرة الطبعة : الثالثة ، 1426 هـ - 2006 م