अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने अल्लाह पर विश्वास रखते हुए, रोज़े के फ़र्ज़ होने तथा रोज़ेदारों को मिलने वाले विशाल प्रतिफल की पुष्टि करते हुए, अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए और दिखावे से बचते हुए रमज़ान के रोज़े रखे, उसके गुनाह क्षमा कर दिए जाते हैं।
- रमज़ान के रोज़े तथा अन्य सभी नेकी के कार्यों में मन में केवल अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति की नीयत रखने का महत्व।
صحيح البخاري (1/ 16) (38). صحيح مسلم (1/ 523) (760). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 361). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمصطفى الخِن وغيره (2/ 868). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (15/ 40). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (5/ 270).