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तशरीह के साथ हदीसें

ऐ यज़ीद! तेरे लिए वही है, जिसकी तूने नीयत की और ऐ मअन! तेरे लिए वह है, जो तूने लिया।

عن معن بن يزيد بن الأخنس رضي الله عنهم قال: كان أبي يزيدُ أَخْرجَ دَنَانِيرَ يتصدقُ بها، فوضعها عند رجلٍ في المسجدِ، فجِئْتُ فأخذتُها فأَتَيْتُهُ بها، فقال: واللهِ، ما إيَّاكَ أردتُ، فخَاصَمْتُهُ إلى رسولِ اللهِ صلى الله عليه وسلم فقال: «لكَ ما نويتَ يا يزيدُ، ولك ما أخذتَ يا معنُ».
मअन बिन यज़ीद बिन अख़नस- रज़ियल्लाहु अन्हुम- कहते हैं कि मेरे पिता यज़ीद ने दान करने के उद्देश्य से कुछ दीनार निकालकर मस्जिद में एक व्यक्ति के पास रखा। संयोगवश, मैं वहाँ गया और दीनारों को ले लिया। फिर अपने पिता के पास आया तो वह बोेलेः अल्लाह की क़सम! मेरा तुझे देने का इरादा नहीं था। ऐसे में, मैं उन्हें निर्णय के लिए अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास ले गया। आपने फ़रमायाः ऐ यज़ीद! तेरे लिए वह है, जिसकी तूने नीयत की और ऐ मअन! तेरे लिए वह है, जो तूने लिया।
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

- نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة الرابعة عشر، 1407هـ - 1987م. - شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، نشر: دار الوطن للنشر، الرياض، الطبعة، 1426هـ. - بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، للهلالي، نشر: دار ابن الجوزي. - صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة الأولى، 1422هـ. - رياض الصالحين من كلام سيد المرسلين، للإمام أبي زكريا النووي، تحقيق د. ماهر الفحل، دار ابن كثير- دمشق، الطبعة الأولى، 1428هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
नफ़ल सदक़ा

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com