सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

अभिमान तथा अहंकार का हराम होना और इसका बुरा अंत

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «بينما رجل يمشي في حُلَّةٍ تُعْجِبُهُ نَفْسُهُ، مُرَجِّلٌ رأسه، يَخْتَالُ في مَشْيَتهِ، إذ خَسَفَ اللهُ به، فهو يَتَجَلْجَلُ في الأرض إلى يوم القيامة".
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "एक व्यक्ति खूबसूरत वस्त्र धारण करके, अभिमानी होकर अपने सिर में कंघी करते हुए चल ही रहा था कि अल्लाह ने उसे ज़मीन में धँसा दिया, तो वह प्रलय के दिन तक ज़मीन में धँसता रहेगा।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

1-شرح صحيح مسلم (63/14). 2-فتح الباري (260/10). 3-كنوز رياض الصالحين (41/9). 4-شرح رياض الصالحين لابن عثيمين (549/3).

यह हदीस HadeethEnc.com पर
फ़ज़ीलतें तथा आदाब

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com