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तशरीह के साथ हदीसें

मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहे व सल्लम) के सामने सोए रहती और मेरे दोनों पैर आपके किबले की ओर होते। जब आप सजदे में जाते, तो धीरे से मेरे शरीर पर ऊँगली चुभाते और मैं अपने पैर समेट लेती। फिर जब खड़े होते, तो मैं पैर फैलाते लेती। उन दिनों घरों में दिए नहीं होते थे।

عن عائشة رضي الله عنها قالت: «كنت أنام بين يَدَيْ رسول الله صلى الله عليه وسلم ورِجْلايَ فِي قِبْلَتِهِ، فإذا سجد غَمَزَنِي، فقَبَضتُ رِجْلَيَّ، فإذا قام بَسَطْتُهُمَا، والبيوت يومئذ ليس فيها مصابيح».
आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहे व सल्लम) के सामने सोए रहती और मेरे दोनों पैर आपके किबले की ओर होते। जब आप सजदे में जाते, तो धीरे से मेरे शरीर पर ऊँगली चुभाते और मैं अपने पैर समेट लेती। फिर जब खड़े होते, तो मैं पैर फैलाते लेती। उन दिनों घरों में दिए नहीं होते थे।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

आइशा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहती हैं कि रात के समय जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहे व सल्लम- नमाज़ पढ़ते होते, मैं आपके सामने ही सो जाया करती। चूँकि हमारे घर बहुत तंग होते थे, इसलिए मेरे दोनों पाँव आपके क़बिले की ओर यानी आपके तथा आपके सजदे के स्थान के बीच में होते थे। जब तक आप क़याम में रहते, मैं उन्हें फैलाए रखती और जब सजदे में जाते तो मेरे शरीर में उँगली का किनारा चुभोकर इशारा करते और मैं उन्हें समेट लेती कि आप सजदा कर सकें। यदि मैं आपको सजदे के समय देख पाती, तो उँगली का किनारा चुभोने की ज़रूरत न पड़ती और मैं स्वयं अपने पैर समेट लेती, परन्तु उन दिनों हमारे घरों में दिए नहीं होते थे कि उनके प्रकाश में नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को देख सकती और पाँव समेट लेती।

हवाला

تيسير العلام، للبسام، الناشر: مكتبة الصحابة، الإمارات، مكتبة التابعين، القاهرة، الطبعة العاشرة، 1426هـ - 2006 م. تنبيه الأفهام، للعثيمين، طبعة مكتبة الصحابة، الإمارات، مكتبة التابعين، القاهرة، الطبعة الأولى 1426هـ. الإفهام في شرح عمدة الأحكام، لعبد العزيز بن باز، اعتناء سعيد بن علي بن وهف القحطاني، الرياض، الطبعة الأولى 1435هـ. الإلمام بشرح عمدة الأحكام، لإسماعيل الأنصاري، طبعة دار الفكر، دمشق، الطبعة الأولى 1381هـ. خلاصة الكلام، فيصل المبارك الحريملي، الطبعة الثانية، 1412 هـ - 1992م. صحيح البخاري، لأبي عبد الله محمد بن إسماعيل البخاري، تحقيق محمد زهير بن ناصر الناصر، الناشر: دار طوق النجاة، الطبعة الأولى 1422هـ. صحيح مسلم، لأبي الحسين مسلم بن الحجاج النيسابوري، المحقق: محمد فؤاد عبد الباقي، الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت.

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नमाज़ की शर्तें

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