अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब यात्रा कर रहे होते और नफ़ल नमाज़ पढ़ने का इरादा फ़रमाते, तो अपनी ऊँटनी का रुख़ क़िबला की ओर कर लेते और तकबीर कहकर नमाज़ पढ़ने लगते, चाहे आपकी सवारी आपको जिधर ले जा रही होती।
عن أنس رضي الله عنه : أن رسول الله صلى الله عليه وسلم كان إذا سافر فَأراد أن يَتَطَوَّع استقْبَل بِنَاقَتِه القِبْلَة، فكبَّر، ثم صلَّى حيث كان وجَّهَه رِكَابُهُ.
अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब यात्रा कर रहे होते और नफ़ल नमाज़ पढ़ने का इरादा फ़रमाते, तो अपनी ऊँटनी का रुख़ क़िबला की ओर कर लेते और तकबीर कहकर नमाज़ पढ़ने लगते, चाहे आपकी सवारी आपको जिधर ले जा रही होती।
इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब यात्रा में होते और नफ़ल नमाज़ पढ़ना चाहते, तो तकबीर-ए-एहराम के समय अपने ऊँट का मुँह क़िबला की ओर कर लेते और उसके बाद जिधर जाना होता, उधर का मुँह करके ही नमाज़ पढ़ते जाते।
हवाला
سنن أبي داود، تأليف: سليمان بن الأشعث السِّجِسْتاني، تحقيق: محمد محيي الدين عبد الحميد، الناشر: المكتبة العصرية، صيدا.
مشكاة المصابيح، تأليف: محمد بن عبد الله، التبريزي، تحقيق: محمد ناصر الدين الألباني، الناشر: المكتب الإسلامي، الطبعة: الثالثة، 1985م.
توضيح الأحكام مِن بلوغ المرام، تأليف: عبد الله بن عبد الرحمن بن صالح البسام، الناشر: مكتبة الأسدي، مكة المكرّمة الطبعة: الخامِسَة، 1423 هـ - 2003 م.
فتح ذي الجلال والإكرام، شرح بلوغ المرام، تأليف: محمد بن صالح بن محمد العثيمين، الناشر: المكتبة الإسلامية، تحقيق: صبحي بن محمد رمضان، وأُم إسراء بنت عرفة.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com