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तशरीह के साथ हदीसें

मैं किसी की आसान मृत्यु पर रश्क नहीं करती थी जब से मैंने अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- पर मृत्यु की सख़्ती देखी।

عن عائشة رضي الله عنها قالت: «ما أَغْبِطُ أحدًا بهَوْنٍ موتٍ بَعْدَ الذي رَأَيتُ مِنْ شدَّة مَوْت رسول الله صلى الله عليه وسلم ».
आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, उन्होंने फरमाया, मैं किसी की आसान मृत्यु पर रश्क नहीं करती थी जब से मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- पर मृत्यु की सख़्ती देखी।
इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

- سنن الترمذي، نشر: شركة مكتبة ومطبعة مصطفى البابي الحلبي – مصر، الطبعة: الثانية، 1395هـ - 1975م. - مختصر الشمائل المحمدية، للألباني، نشر: المكتبة الإسلامية – عمان – الأردن. - مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي بن سلطان الملا الهروي القاري، الناشر: دار الفكر، بيروت – لبنان، الطبعة: الأولى، 1422هـ - 2002م. - تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذي لمحمد عبد الرحمن بن عبد الرحيم المباركفورى، الناشر: دار الكتب العلمية – بيروت.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com