सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

लोगों से वही बात करो, जो वे समझ सकते हैं। क्या तुम चाहते हो कि अल्लाह तथा उसके रसूल को झुठलाया जाए?

عن علي بن أبي طالب رضي الله عنه قال: "حدثوا الناس بما يعرفون، أتريدون أن يُكذَّب اللهُ ورسولهُ؟".
अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैंः "लोगों से वही बात करो, जो वे समझ सकते हैं। क्या तुम चाहते हो कि अल्लाह एवं उसके रसूल को झुठलाया जाए?"
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

अमीरुल मोमिनीन अली बिन अबी तालिब -रज़ियल्लाहु अनहु- का निर्देश है कि आम लोगों से वही बात करनी चाहिए, जो उनके समझने योग्य हो तथा उनके लिए लाभदायक हो। जैसे तौहीद एवं हलाल एवं हराम आदि इस्लाम की बुनियादी बातें तथा आदेश-निर्देश। कोई ऐसी बात नहीं करनी चाहिए, जो लोगों के लिए आवश्यक न हो या उनकी समझ से ऊपर होने की वजह से सत्य को ठुकराने का कारण बन जाए।

हवाला

كتاب التوحيد للإمام محمد بن عبد الوهاب، ت: د. دغش العجمي، مكتبة أهل الأثر, الطبعة الخامسة, 1435ه. الجديد في شرح كتاب التوحيد، لمحمد بن عبد العزيز السليمان القرعاوي, ت: محمد بن أحمد سيد, مكتبة السوادي، الطبعة: الخامسة، 1424ه. الملخص في شرح كتاب التوحيد، للشيخ صالح الفوزان, دار العاصمة, الطبعة الأولى، 1422ه. صحيح البخاري, ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي, دار طوق النجاة, الطبعة: الأولى، 1422هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
अल्लाह की ओर बुलाना

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com