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तशरीह के साथ हदीसें

“जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे

عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضيَ اللهُ عنهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «إِنَّ فِي الْجَنَّةِ لَسُوقًا، يَأْتُونَهَا كُلَّ جُمُعَةٍ، فَتَهُبُّ رِيحُ الشَّمَالِ فَتَحْثُو فِي وُجُوهِهِمْ وَثِيَابِهِمْ، فَيَزْدَادُونَ حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَرْجِعُونَ إِلَى أَهْلِيهِمْ وَقَدِ ازْدَادُوا حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَقُولُ لَهُمْ أَهْلُوهُمْ: وَاللهِ لَقَدِ ازْدَدْتُمْ بَعْدَنَا حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَقُولُونَ: وَأَنْتُمْ وَاللهِ لَقَدِ ازْدَدْتُمْ بَعْدَنَا حُسْنًا وَجَمَالًا».
अनस -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : “जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे, उस समय उत्तरी हवा चलेगी जो उनके चेहरों तथा कपड़ों पर धूल डाल देगी, जिससे वे और अधिक खूबसूरत एवं सुंदर हो जाएँगे और जब अपने परिवार के पास खूबसूरत होकर लौटेंगे, तो उनके परिवार वाले कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम लोग तो हमारे बाद और अधिक खूबसूरत तथा सुंदर हो गए हो। इसपर वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, हमारे बाद, तुम भी अधिक ख़ूबसूरत एवं सुंदर हो गए हो।”
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जन्नत में एक स्थान है, जहाँ जन्नती एकत्र होंगे। वहाँ ख़रीद-बिक्री नहीं होगी। वहाँ से जन्नती जो चाहें ले सकेंगे। वहाँ वे हर सात दिन के समान समय पर आएँगे। इसी बीच उत्तरी हवा चलेगी और उनके चेहरे तथा कपड़े को स्पर्ष करेगी , जिससे उनकी सुंदरता और निखर जाएगी। अतः जब वे इस बढ़ी हुई सुंदरता के साथ घर वालों के पास जाएँगे, तो घर वाले उनसे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम हमारे (यहाँ से जाने के बाद) और अधिक सुंदर हो गए हो। चुनांचे वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम भी हमारे (जाने के) बाद और अधिक सुंदर हो गए हो।

फ़ायदे
  1. जन्नत वासियों के सौंदर्य में वृद्धि हो जाएगी।
  2. यह हदीसें इन्सान को प्रेरित करती हैं कि वो अच्छे कार्य करें, जिनके माध्यम से जन्नत का हक़दार बन सकें।
  3. यहाँ उत्तरी हवा ही ज़िक्र इसलिए हुआ है कि उत्तरी हवा अरबों के यहाँ सर्वश्रेष्ठ हवा थी, जो भलाई और बारिश लाती थी।
  4. अल्लाह के ओर बुलाने का काम, जन्नत और उसकी नेमतों की ओर प्रेरित करके करने का प्रोत्साहन।
हवाला

صحيح مسلم (4/ 2178) (2833). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (2/ 1290). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (3/ 347). تطريز رياض الصالحين، لفيصل آل مُبَارَك (ص1088). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (6/ 731).

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जन्नत तथा जहन्नम की विशेषताएँ

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com