अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बता रहे हैं कि जन्नती जब जन्नत की नेमतों का आनंद ले रहे होंगे, तो एक पुकारने वाला पुकारकर कहेगा : यहाँ तुम्हारे लिए यह व्यवस्था है कि तुम सदा स्वस्थ रहोगे और कोई छोटी से छोटी बीमारी भी तुम्हारे निकट नहीं आएगी, तुम सदा जीवित रहोगे और तुमको कभी मौत नहीं आएगी, नींद भी नहीं, जो मौत का छोटा रूप है। तुम सदा जवान रहोगे और बुढ़ापा तुम्हारे पास से भी नहीं गुज़रेगा। यहाँ तुम हर प्रकार की नेमतों में रहोगे, न शोक होगा और न चिंता होगी। इसी का उल्लेख सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह के इस फ़रमान में हुआ है : "उन्हें पुकारकर कहा जाएगा: यही वह जन्नत है, जिसके उत्तराधिकारी तुम उन कर्मों के कारण बनाए गए हो, जो तुम किया करते थे।" [सूरा आराफ: 43]
- इन्सान जितना भी खुशहाल एवं सुखी हो जाए, उसे मिली हुई सांसारिक जीवन की नेमतों को चार चीज़ें बेमज़ा कर देती हैं : बीमारी, मौत, पुढ़ापा और निर्धनता, दुश्मन एवं जंग आदि के भय से उत्पन्न होने वाली चिंता। लेकिन इन चारों चीज़ों से जन्नती सुरक्षित रहेंगे। इसलिए उन्हें संपूर्णतम नेमत प्राप्त होगी।
- जन्नत की नेमतें दुनिया की नेमतों से भिन्न हैं, इसलिए कि जन्नत की नेमतों के बारे में कोई भी भय नहीं होगा, जबकि दुनिया की कोई भी नेमत दायमी नहीं होती और यहाँ परेशानियाँ तथा बीमारियाँ भी लगी रहती हैं।
- अच्छे कर्म की प्रेरणा, जिसके द्वारा जन्नत की नेमतों तक पहुंचा जा सकता है।
صحيح مسلم (4/ 2182) (2837). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (3/ 348). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (6/ 732). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (2/ 1292).