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तशरीह के साथ हदीसें

जो मुझे दोनों दाढ़ों के बीच तथा दोनों पैरों के बीच (के अंगों) की गारंटी दे दे, मैं उसे जन्नत की गारंटी देता हूँ।

عن سهل بن سعد رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «مَنْ يَضْمَنْ لِي مَا بَيْنَ لَحْيَيْهِ وَمَا بَيْنَ رِجْلَيْهِ أَضْمَنْ لَهُ الْجَنَّةَ».
सह्ल बिन साद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो मुझे दोनों दाढ़ों के बीच तथा दोनों पैरों के बीच (के अंगों) की गारंटी दे दे, मैं उसे जन्नत की गारंटी देता हूँ।"
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दो बातें बताई हैं, जिनका ख़्याल रखने वाला जन्नत में प्रवेश करेगा। 1- ज़बान को ऐसी बातों से सुरक्षित रखना, जिनसे अल्लाह नाराज़ होता है। 2- शर्मगाह को व्यभिचार से सुरक्षित रखना। क्योंकि शरीर के इन दोनों अंगों से ही अधिकतर गुनाह होते हैं।

फ़ायदे
  1. ज़बान तथा शर्मगार की रक्षा करना, जन्नत में प्रवेश दिलाता है।
  2. आपने विशेष रूप से ज़बान तथा शर्मगाह का उल्लेख इसलिए किया है, क्योंकि यह दोनों अंग दुनिया एवं आख़िरत की आज़माइश के सबसे बड़े स्रोत हैं।
हवाला

صحيح البخاري (8/ 100) (6474). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، تأليف سليم الهلالي (3/ 9). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، تأليف د. مصطفى الخِن وغيره (2/ 1035). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (18/ 85). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (6/ 117). إرشاد الساري لشرح صحيح البخاري، للقسطلاني (9/ 272).

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जन्नत तथा जहन्नम की विशेषताएँ

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com