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तशरीह के साथ हदीसें

मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ रह जाता है।

عن أنس رضي الله عنه مرفوعاً: «يَتْبَعُ الميتَ ثلاثةٌ: أهْلُه ومَالُه وعَمَلُه، فيرجع اثنان ويَبْقى واحد: يرجع أهْلُه ومَالُه، ويبقى عَمَلُه».
अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ रह जाता है।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

इस हदीस का अर्थ यह है कि जब इनसान मर जाता है, तो उसके साथ उसे विदा करने वाले जाते हैं। उसके घर वाले क़ब्र के पास तक उसके साथ जाते हैं, उसका धन यानी उसके दास भी उसके साथ जाते हैं और उसका कर्म भी उसके साथ जाता है। फिर उसके घर वाले और उसका धन दोनों वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ रह जाता है। अब अगर वह अच्छा है, तो सब कुछ अच्छा है और वह बुरा है, तो सब कुछ बुरा ही बुरा है।

हवाला

- صحيح البخاري، للإمام محمد بن إسماعيل البخاري، تحقيق محمد الناصر، دار طوق النجاة. - صحيح مسلم، للإمام مسلم بن الحجاج، تحقيق محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي. - بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، تأليف سليم الهلالي، دار ابن الجوزي، الطبعة الأولى، 1418ه. - نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، تأليف د.مصطفى الخِن وغيره، مؤسسة الرسالة - بيروت، الطبعة الرابعة عشر، 1407هـ. - كنوز رياض الصالحين، لحمد بن ناصر العمار، دار كنوز إشبيليا - الطبعة الأولى، 1430ه. - دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، لمحمد علي بن محمد بن علان، اعتنى بها: خليل مأمون شيحا، دار المعرفة. - شرح رياض الصالحين، للشيخ محمد بن صالح العثيمين، مدار الوطن، الرياض، 1426هـ.

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संसार प्रेम की मज़म्मत

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com