सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

ऐ अल्लाह! अस्ल जीवन तो केवल आख़िरत का जीवन है।

عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضيَ اللهُ عنه عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ: «اللهُمَّ لَا عَيْشَ إِلَّا عَيْشُ الْآخِرَهْ، فَاغْفِرْ لِلْأَنْصَارِ وَالْمُهَاجِرَهْ».
अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः ऐ अल्लाह! अस्ल जीवन तो केवल आख़िरत का जीवन है।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

صحيح البخاري (8/ 88) (6413). صحيح مسلم (3/ 1431) (1805). مرقاة المفاتيح، لعلي القاري (7/ 3016). فتح الباري شرح صحيح البخاري، لابن حجر (11/ 231). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (3/ 362). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (7/ 223). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 529). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 412).

यह हदीस HadeethEnc.com पर
संसार प्रेम की मज़म्मत

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com