तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है, तो वह हैं : जिगर तथा तिल्ली।
عن عبد الله بن عمر رضي الله عنهما قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «أُحِلَّتْ لكم مَيْتَتَانِ وَدَمَانِ، فأما الميتتان: فَالْجَرَادُ والْحُوتُ، وأما الدَّمَانِ: فالكبد والطحال».
अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमाया : “तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त की बात है, तो वह हैं : जिगर तथा तिल्ली।”
इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह
इस हदीस में अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कुछ चीज़ों के हलाल होने से संबंधित एक शरई हुक्म बयान किया है। सबसे पहले बताया है कि मरी हुई टिड्डी एवं मछली को खाना जायज़ है और और उसके बाद बताया है कि दो प्रकार के रक्त हलाल हैं। एक जिगर और दूसरी तिल्ली। यह दोनों हुक्म मरे हुए जानवर और रक्त को खाने की मनाही से अपवाद हैं।
हवाला
1. توضيح الأحكام للشيخ البسام، ط5، مكتبة الأسدي، مكة المكرمة، 1423ه.
2. سُبل السلام، للصنعاني، دار الحديث.
3. تسهيل الإلمام، للشيخ صالح الفوزان، بعناية: عبدالسلام السليمان، ط1، 1427ه.
4. شرح الشيخ ابن عثيمين للبلوغ، تحقيق صبحي رمضان وآخر، ط1، المكتبة الإسلامية، مصر، 1427ه.
5. منحة العلَّام للشيخ عبد الله بن صالح الفوزان، ط1، دار ابن الجوزي، الدمام، 1427ه.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com