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तशरीह के साथ हदीसें

कुत्ते की क़ीमत नापाक है, वेश्या की कमाई नापाक है और सिंगी लगाने वाले की कमाई नापाक है।

عن رافع بن خديج رضي الله عنهما أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «ثمن الكلب خبيث، ومهر البغي خبيث، وكسب الحجام خبيث».
राफ़े बिन खदीज (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः कुत्ते की क़ीमत नापाक है, वेश्या की कमाई नापाक है और सिंगी लगाने वाले की कमाई नापाक है।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें कुछ हराम तथा अपवित्र कमाइयों के बारे में बताया है, ताकि हम उनके स्थान पर पवित्र और जायज़ कमाइयों को अख़्तियार करें। इन नापाक कमाइयों में कुत्ते की क़ीमत, व्यभिचारिणी की कमाई जो व्यभिचार से प्राप्त हो और सिंगी लगाने वाले की कमाई शामिल है।

हवाला

- صحيح مسلم، للإمام مسلم بن الحجاج، حققه ورقمه محمد فؤاد عبد الباقي، دار عالم الكتب - الرياض، الطبعة الأولى، 1417هـ. - الإلمام بشرح عمدة الأحكام، للشيخ إسماعيل الأنصاري -مطبعة السعادة- الطبعة الثانية، 1392ه. - تيسير العلام شرح عمدة الأحكام، عبد الله البسام، تحقيق محمد صبحي حسن حلاق، مكتبة الصحابة، الشارقة، الطبعة العاشرة، 1426ه.

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दवा-इलाज से संबंधित अहकाम

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com