عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «مَا أَسْفَلَ مِنَ الكَعْبَيْنِ مِنَ الإِزَارِ فَفِي النَّارِ».
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "लुंगी का जो भाग टख़नों से नीचे लटकेगा, वह जहन्नम में जाएगा।"
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने पुरुषों को शरीर के निचले आधे भाग को ढाँपने वाले कपड़ों, जैसे पाजामा एवं पेंट आदि को टखनों से नीचे लटकाने से सावधान किया है। आपने बताया है कि टखनों के नीचे के जितने भाग पर कपड़ा लटका हुआ रहेगा, वह हिस्सा दंड के तौर पर आग में रहेगा।
फ़ायदे
- पुरुषों के लिए टखनों के नीचे कपड़ा लटकाने की मनाही। ऐसा करना कबीरा (बड़ा) गुनाह है।
- इब्न-ए-हजर कहते हैं :टखनों के नीचे लुंगी लटकाने के दायरे से किसी आवश्यकता के कारण लटकाना बाहर रहेगा। मसलन वह व्यक्ति जिसके टखनों में ज़ख़्म हो और अगर वह उसे अपने निचले कपड़े से न ढके, तो मक्खियाँ उसे परेशान करेंगी, क्योंकि उसे उसके सिवा कुछ और नहीं मिल पाता।
- इस हीदस में कही गई बात पुरुषों के साथ ख़ास है। क्योंकि महिलाओं को टखनों के नीचे एक हाथ तक कपड़ा लटकाए रखने का आदेश दिया गया है।
हवाला
صحيح البخاري (7/ 141) (5787). إرشاد الساري لشرح صحيح البخاري (8/ 418). ذخيرة العقبى في شرح المجتبى (23/ 76).