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तशरीह के साथ हदीसें

(ईला -किसी कारण अपनी पत्नी के पास न जाने की क़सम खा लेना- के पश्चात) जब चार महीने बीत जाएँ, तो पति को रोका जाएगा, यहाँ तक कि तलाक़ दे दे और तलाक़ उस समय तक नहीं पड़ेगी, जब तक पति तलाक़ न दे।

عن ابن عمر قال: "إذا مَضَتْ أربعة أشهر: يُوقَفُ حتى يُطَلِّقَ، ولا يَقَعُ عليه الطلاق حتى يُطَلِّقَ".
अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैंः (ईला -किसी कारण अपनी पत्नी के पास न जाने की क़सम खा लेना- के पश्चात) जब चार महीने बीत जाएँ, तो पति को रोका जाएगा, यहाँ तक कि तलाक़ दे दे और तलाक़ उस समय तक नहीं पड़ेगी, जब तक पति तलाक़ न दे।
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

- صحيح البخاري، تحقيق: محمد زهير بن ناصر الناصر، ط1، دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم: محمد فؤاد عبد الباقي)، 1422هـ. - فتح ذي الجلال والاكرام بشرح بلوغ المرام، للشيخ ابن عثيمين، المكتبة الإسلامية - الطبعة الأولى 1427 - 2006م. - توضِيحُ الأحكَامِ مِن بُلوُغ المَرَام، للبسام، مكتَبة الأسدي، مكّة المكرّمة، الطبعة: الخامِسَة، 1423 هـ - 2003 م. - بلوغ المرام من أدلة الأحكام، لابن حجر، دار القبس للنشر والتوزيع، الرياض - المملكة العربية السعودية، الطبعة: الأولى، 1435 هـ - 2014 م.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
ईला (किसी व्यक्ति का यह क़सम खाना कि वह अपनी पत्नी से चार महीना या उससे अधिक समय तक संभोग नहीं करेगा)

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com

(ईला -किसी कारण अपनी पत्नी के पास न जाने की क़सम खा लेना- के पश्चात) जब चार महीने बीत जाएँ, तो पति को रोका जाएगा, यहाँ तक कि तलाक़ दे दे और तलाक़ उस समय तक नहीं पड़ेगी, जब तक पति तलाक़ न दे। · तशरीह के साथ हदीसें · सबील