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तशरीह के साथ हदीसें

ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे दो पड़ोसी हैं। मैं दोनों में से किसे कोई वस्तु भेंट के रूप में दूँ? आपने कहाः जिसका द्वार तेरे द्वार से अधिक निकट हो।

عن عائشة رضي الله عنها قالت: يا رسولَ اللهِ، إِنَّ لِي جَارَيْنِ، فإلى أَيِّهِمَا أُهْدِي؟ قال: «إلى أَقْرَبِهِمَا مِنْكِ بَابًا».
आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि उन्होंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे दो पड़ोसी हैं। मैं दोनों में से किसे कोई वस्तु भेंट- के रूप में दूँ? आपने कहाः जिसका द्वार तेरे द्वार से अधिक निकट हो।
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा कि मेरे दो पड़ोसी हैं और मुझे पड़ोसी के सम्मान का आम आदेश दिया गया है। लेकिन मैं दोनों को एक साथ उपहार नहीं दे सकती। अतः मैं किसे उपहार दूँ कि पड़ोसी का सम्मान करने वाले लोगों में शामिल हो जाऊँ? अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "जिसका द्वार तुम्हारे द्वार से अधिक निकट हो।"

हवाला

نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة الرابعة عشر، 1407ه - 1987م. رياض الصالحين للنووي، تحقيق: ماهر ياسين الفحل، دار ابن كثير، دمشق، بيروت، ط1، 1428هـ. رياض الصالحين، للنووي، تحقيق: عصام هادي، وزارة الأوقاف والشؤون الإسلامية القطرية، دار الريان، بيروت، ط4، 1428هـ. صحيح البخاري، تحقيق: محمد زهير بن ناصر الناصر، ط1، دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم: محمد فؤاد عبد الباقي)، 1422ه. نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين، ط14، مؤسسة الرسالة، 1407هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
हिबा तथा अतिय्या (दान)

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com