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तशरीह के साथ हदीसें

अल्लाह केरसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को सफ़ेद यमनी कपड़ों में कफ़नाया गया। उनमें न कुर्ता था और न पगड़ी थी।

عن عائشة رضي الله عنها «أنّ رسول الله صلى الله عليه وسلم كُفِّنَ في أثواب بِيضٍ يَمَانِيَةٍ، ليس فيها قَمِيص وَلا عِمَامَة».
आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह केरसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को सफ़ेद यमनी कपड़ों में कफ़नाया गया। उनमें न कुर्ता था और न पगड़ी थी।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

आइशा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- यहाँ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के कफ़न, उसके रंग तथा कपड़ों की संख्या के बारे बता रही हैं। उनका कहना है कि आपको यमन में बनी हुई तीन सफ़ेद चादरों में कफ़नाया गया। आपको न कुरता दिया गया, न पगड़ी। याद रहे कि मृतक को कफ़नाने में अधिक कपड़ों का प्रयोग इसलिए होता है, क्योंकि मृतक का परदा जीवित व्यक्ति के परदे से अधिक महत्व रखता है और उसपर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

हवाला

تيسير العلام، للبسام، الناشر: مكتبة الصحابة، الإمارات، مكتبة التابعين، القاهرة، الطبعة العاشرة، 1426هـ - 2006م. تنبيه الأفهام، للعثيمين، طبعة مكتبة الصحابة، الإمارات، مكتبة التابعين، القاهرة، الطبعة الأولى، 1426هـ. الإلمام بشرح عمدة الأحكام، لإسماعيل الأنصاري، طبعة دار الفكر، دمشق، الطبعة الأولى، 1381هـ. صحيح البخاري، لأبي عبد الله محمد بن إسماعيل البخاري، تحقيق محمد زهير بن ناصر الناصر، الناشر: دار طوق النجاة، الطبعة الأولى، 1422هـ. صحيح مسلم، المحقق: محمد فؤاد عبد الباقي - الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. تأسيس الأحكام، لأحمد بن يحيى النجمي، دار المنهاج، القاهرة، مصر، الطبعة الأولى.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
जनाज़े

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com