क्या तुम मुझे विश्वासपात्र नहीं समझते, जबकि मैं उसका विश्वासपात्र हूँ, जो आकाश के ऊपर है तथा मेरे पास सुबह-शाम ऊपर की सूचना आती है?
अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अनहु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास यमन से सोने का एक अपरिशोधित टुकड़ा भेजा, जो चर्मशोधन की प्रक्रिया से गुज़रे हुए एक चमड़े में लिपटा हुआ था। वर्णनकर्ता आगे कहते हैं : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसे निम्नलिखित चार लोगों के बीच बाँट दिया : उयैना बिन बद्र फ़ज़ारी, अक़रा बिन हाबिस हंज़ली, ज़ैद अल-ख़ैल नबहानी तथा अलक़मा बिन उलासा आमिरी। यह देख आपके साथियों में से एक व्यक्ति ने कहा : हम लोग इन लोगों की तुलना में इस धन के अधिक हक़दार थे। वर्णनकर्ता का कहना है : जब इसकी सूचना अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को मिली, तो आपने कहा : "क्या तुम मुझे विश्वासपात्र नहीं समझते, जबकि मैं उसका विश्वासपात्र हूँ, जो आकाश में है तथा मेरे पास सुबह-शाम आकाश की सूचना आती है?" वर्णनकर्ता का कहना है कि इतना सुनने के बाद एक व्यक्ति, जिसकी आँखें धँसी हुई थीं, गालों की हड्डियाँ उभरी हुई थीं, कपाल निकला हुआ था, दाढ़ी घनी थी और अधिक लंबी नहीं थी, सिर मुंडा हुआ था और अपनी लुंगी को उठाए हुए था, खड़ा होकर बोला : ऐ अल्लाह के रसूल! आप अल्लाह से डरिए। यह सुन आपने कहा : "तेरा बुरा हो, क्या मैं धरती के ऊपर अल्लाह से सबसे अधिक डरने वाला व्यक्ति नहीं हूँ?" वर्णनकर्ता का कहना है कि फिर वह व्यक्ति जाने लगा तो ख़ालिद बिन वलीद -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहने लगे : ऐ अल्लाह के रसूल! क्या मैं उसकी गर्दन न उड़ा दूँ? आपने फ़रमाया : नहीं, ऐसा नहीं करना है। हो सकता है कि वह नमाज़ पढ़ता हो। यह सुन ख़ालिद -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा : बहुत-से नमाज़ी ऐसे मिल जाएँगे, जो कहते कुछ हैं और दिल में कुछ और रखते हैं। इसपर आपने कहा : मुझे लोगों के दिल चीर करके और उनके पेट फ़ाड़ कर के देखने का आदेश नहीं दिया गया है। मुझे केवल उनके प्रत्यक्ष व्यवहार को देखने का आदेश दिया गया है। वर्णनकर्ता कहते हैं : फिर आपने उसे जाता हुआ देखकर फ़रमाया : इसकी, इसके साथियों की या इसके क़बीले की नस्ल से ऐसे लोग निकलेंगे, जो अल्लाह की किताब तो बहुत महारत के साथ सुंदर आवाज़ में पढ़ेंगे, उनकी ज़बानें पवित्र क़ुरआन की तिलावत से हमेशा तर रहेंगी, लेकिन क़ुरआन उनके गले से नीचे नहीं उतरेगा कि उनके अंतरात्मा तक पहुँचकर उसका शुद्धिकरण करे। अल्लाह उनके इस कर्म को न तो ऊपर जाने देगा और न ग्रहण करेगा। वह लोग इस्लाम से ऐसे निकल जाएँगे जैसे तीर शिकार को चीरते हुए तेज़ी के साथ और चुपके से निकल जाता है। मुझे तो यह भी लगता है कि आपने कहा था : अगर मुझे वे मुसलमानों के विरुद्ध तलवार लेकर विद्रोह करके निकलते हुए मिल गए, तो मैं उनकी भीषण हत्या करूँगा, जैसे समूद जाति के साथ किया गया था।
- अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बड़े सहनशील थे तथा किसी के द्वारा कोई कष्टदायक हरकत किए जाने पर धैर्य से काम लेते थे।
- इसमें इस बात का परमाण है कि आप अल्लाह के नबी थे और आपके पास जो कुछ था, वह्य के माध्यम से मिला हुआ था।
- लोगों के साथ व्यवहार उनके ज़ाहिर के अनुसार किया जाएगा। बातिन का मालिक अल्लाह है।
- नमाज़ का महत्व तथा इस बात का उल्लेख कि नमाज़ स्थापित करने वाले का क़त्ल किसी इस्लामी अधिकार के बिना नहीं किया जा सकता।
- ख़वारिज का ख़तरा तथा इस बात का उल्लेख कि यदि वे युद्ध करते हैं, तो उनकी हानि से बचने के लिए उनसे युद्ध करना जायज़ होगा।
- नववी कहते हैं : इस हदीस में ख़वारिज से युद्ध करने की प्रेरणा दी गई है और अली -रज़ियल्लाहु अनहु- की यह फ़ज़ीलत साबित होती है कि उन्होंने उनसे युद्ध किया।
- क़ुरआन पर ग़ौर करने, उसे समझने, उसपर अमल करने और उसे मज़बूती से पकड़े रहने का महत्व।
صحيح البخاري (5/ 163) (4351). صحيح مسلم (2/ 741) (1064). عمدة القاري شرح صحيح البخاري، لمحمود العيني (18/ 7). المصباح المنير في غريب الشرح الكبير، لأحمد الفيومي (2/ 499). فتح الباري شرح صحيح البخاري، لابن حجر(12/ 292). إكمال المعلم بفوائد مسلم، للقاضي عياض (3/ 607). تاج العروس من جواهر القاموس، للزبيدي (2/ 452). شرح كتاب التوحيد من صحيح البخاري، لعبد الله الغنيمان (1/ 451). معجم اللغة العربية المعاصرة (2/ 1649).