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सहीह बुख़ारी

नंबर 7539

नंबर 7539किताब 97, नंबर 164
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ،‏.‏ وَقَالَ لِي خَلِيفَةُ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْعَالِيَةِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِيمَا يَرْوِيهِ عَنْ رَبِّهِ قَالَ ‏ "‏ لاَ يَنْبَغِي لِعَبْدٍ أَنْ يَقُولَ إِنَّهُ خَيْرٌ مِنْ يُونُسَ بْنِ مَتَّى ‏"‏‏.‏ وَنَسَبَهُ إِلَى أَبِيهِ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said that his Lord said: "It does not befit a slave that he should say that he is better than Jonah (Yunus) bin Matta

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 97 · Oneness, Uniqueness of Allah (Tawheed)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।