حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، حَدَّثَنَا أَبُو زَيْدٍ، سَعِيدُ بْنُ الرَّبِيعِ الْهَرَوِيُّ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم يَرْوِيهِ عَنْ رَبِّهِ، قَالَ " إِذَا تَقَرَّبَ الْعَبْدُ إِلَىَّ شِبْرًا تَقَرَّبْتُ إِلَيْهِ ذِرَاعًا، وَإِذَا تَقَرَّبَ مِنِّي ذِرَاعًا تَقَرَّبْتُ مِنْهُ بَاعًا، وَإِذَا أَتَانِي مَشْيًا أَتَيْتُهُ هَرْوَلَةً ".
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) said, "My Lord says, 'If My slave comes nearer to me for a span, I go nearer to him for a cubit; and if he comes nearer to Me for a cubit, I go nearer to him for the span of outstretched arms; and if he comes to Me walking, I go to him running
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।