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सहीह बुख़ारी

नंबर 7345

नंबर 7345किताब 96, नंबर 73
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا الْفُضَيْلُ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، حَدَّثَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ أُرِيَ وَهْوَ فِي مُعَرَّسِهِ بِذِي الْحُلَيْفَةِ فَقِيلَ لَهُ إِنَّكَ بِبَطْحَاءَ مُبَارَكَةٍ‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Umar:The Prophet (ﷺ) had a dream in the last portion of the night when he was sleeping at Dhul-Hulaifa. (I n the dream) it was said to him, "You are in a blessed Batha' (i.e., valley)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 96 · Holding Fast to the Qur'an and Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।