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सहीह बुख़ारी

नंबर 7332

नंबर 7332किताब 96, नंबर 61
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ، حَدَّثَنَا أَبُو ضَمْرَةَ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ الْيَهُودَ، جَاءُوا إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِرَجُلٍ وَامْرَأَةٍ زَنَيَا، فَأَمَرَ بِهِمَا فَرُجِمَا قَرِيبًا مِنْ حَيْثُ تُوضَعُ الْجَنَائِزُ عِنْدَ الْمَسْجِدِ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:The Jews brought a man and a woman who had committed illegal sexual intercourse, to the Prophet (ﷺ) and the Prophet (ﷺ) ordered them to be stoned to death, and they were stoned to death near the mosque where the biers used to be placed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 96 · Holding Fast to the Qur'an and Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।