सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 7279

नंबर 7279किताब 96, नंबर 11
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا الزُّهْرِيُّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ، قَالاَ كُنَّا عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ لأَقْضِيَنَّ بَيْنَكُمَا بِكِتَابِ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira and Zaid bin Khalid:We were with the Prophet (ﷺ) when he said (to two men), "I shall judge between you according to Allah's Book (Laws)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 96 · Holding Fast to the Qur'an and Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।