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सहीह बुख़ारी

नंबर 7238

नंबर 7238किताब 94, नंबर 13
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا أَبُو الزِّنَادِ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ ذَكَرَ ابْنُ عَبَّاسٍ الْمُتَلاَعِنَيْنِ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ شَدَّادٍ أَهِيَ الَّتِي قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَوْ كُنْتُ رَاجِمًا امْرَأَةً مِنْ غَيْرِ بَيِّنَةٍ ‏"‏‏.‏ قَالَ لاَ، تِلْكَ امْرَأَةٌ أَعْلَنَتْ‏.‏
Narrated Al-Qasim bin Muhammad:Ibn `Abbas mentioned the case of a couple on whom the judgment of Lian has been passed. `Abdullah bin Shaddad said, "Was that the lady in whose case the Prophet (ﷺ) said, "If I were to stone a lady to death without a proof (against her)?' "Ibn `Abbas said, "No! That was concerned with a woman who though being a Muslim used to arouse suspicion by her outright misbehavior." (See Hadith No. 230, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 94 · Wishes

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।