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सहीह बुख़ारी

नंबर 7206

नंबर 7206किताब 93, नंबर 66
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، عَنْ يَزِيدَ، قَالَ قُلْتُ لِسَلَمَةَ عَلَى أَىِّ شَىْءٍ بَايَعْتُمُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ الْحُدَيْبِيَةِ قَالَ عَلَى الْمَوْتِ‏.‏
Narrated Yazid:I said to Salama, "For what did you give the Pledge of allegiance to the Prophet (ﷺ) on the Day of Hudaibiya?" He replied, "For death

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 93 · Judgments (Ahkaam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।