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सहीह बुख़ारी

नंबर 7116

नंबर 7116किताब 92, नंबर 63
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ قَالَ سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ أَخْبَرَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى تَضْطَرِبَ أَلَيَاتُ نِسَاءِ دَوْسٍ عَلَى ذِي الْخَلَصَةِ ‏"‏‏.‏ وَذُو الْخَلَصَةَ طَاغِيَةُ دَوْسٍ الَّتِي كَانُوا يَعْبُدُونَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "The Hour will not be established till the buttocks of the women of the tribe of Daus move while going round Dhi-al-Khalasa." Dhi-al-Khalasa was the idol of the Daus tribe which they used to worship in the Pre Islamic Period of ignorance

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।