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सहीह बुख़ारी

नंबर 7090

नंबर 7090किताब 92, नंबर 41
وَقَالَ عَبَّاسٌ النَّرْسِيُّ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، أَنَّ أَنَسًا، حَدَّثَهُمْ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا وَقَالَ كُلُّ رَجُلٍ لاَفًّا رَأْسَهُ فِي ثَوْبِهِ يَبْكِي‏.‏ وَقَالَ عَائِذًا بِاللَّهِ مِنْ سُوءِ الْفِتَنِ‏.‏ أَوْ قَالَ أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنْ سُوءِ الْفِتَنِ‏.‏
The the above hadith was narrated by Anas through another chain and said (with the wording) "and every man had his head wrapped in his garment and weeping". And he said (with the wording) "seeking refuge with Allah from the evil of afflictions" or he said "I seek refuge with Allah from the evil of afflictions

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।