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सहीह बुख़ारी

नंबर 7068

नंबर 7068किताब 92, नंबर 19
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّبَيْرِ بْنِ عَدِيٍّ، قَالَ أَتَيْنَا أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ فَشَكَوْنَا إِلَيْهِ مَا نَلْقَى مِنَ الْحَجَّاجِ فَقَالَ ‏ "‏ اصْبِرُوا، فَإِنَّهُ لاَ يَأْتِي عَلَيْكُمْ زَمَانٌ إِلاَّ الَّذِي بَعْدَهُ شَرٌّ مِنْهُ، حَتَّى تَلْقَوْا رَبَّكُمْ ‏"‏‏.‏ سَمِعْتُهُ مِنْ نَبِيِّكُمْ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Az-Zubair bin `Adi:We went to Anas bin Malik and complained about the wrong we were suffering at the hand of Al- Hajjaj. Anas bin Malik said, "Be patient till you meet your Lord, for no time will come upon you but the time following it will be worse than it. I heard that from the Prophet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।