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सहीह बुख़ारी

नंबर 7038

नंबर 7038किताब 91, नंबर 52
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنِي أَخِي عَبْدُ الْحَمِيدِ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ بِلاَلٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ رَأَيْتُ كَأَنَّ امْرَأَةً سَوْدَاءَ ثَائِرَةَ الرَّأْسِ، خَرَجَتْ مِنَ الْمَدِينَةِ، حَتَّى قَامَتْ بِمَهْيَعَةَ ـ وَهْىَ الْجُحْفَةُ ـ فَأَوَّلْتُ أَنَّ وَبَاءَ الْمَدِينَةِ نُقِلَ إِلَيْهَا ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah:The Prophet (ﷺ) said, "I saw (in a dream) a black woman with unkempt hair going out of Medina and settling at Mahai'a, i.e., Al-Juhfa. I interpreted that as a symbol of epidemic of Medina being transferred to that place (Al-Juhfa)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 91 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।