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सहीह बुख़ारी

नंबर 6997

नंबर 6997किताब 91, नंबर 16
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، حَدَّثَنِي ابْنُ الْهَادِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ خَبَّابٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏مَنْ رَآنِي فَقَدْ رَأَى الْحَقَّ، فَإِنَّ الشَّيْطَانَ لاَ يَتَكَوَّنُنِي‏"‏‏.‏
Narrated Abu Sa`id Al-Khudri:The Prophet (ﷺ) said, "Who ever sees me (in a dream) then he indeed has seen the truth, as Satan cannot appear in my shape

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 91 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।