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सहीह बुख़ारी

नंबर 6994

नंबर 6994किताब 91, नंबर 13
حَدَّثَنَا مُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُخْتَارٍ، حَدَّثَنَا ثَابِتٌ الْبُنَانِيُّ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ رَآنِي فِي الْمَنَامِ فَقَدْ رَآنِي، فَإِنَّ الشَّيْطَانَ لاَ يَتَخَيَّلُ بِي، وَرُؤْيَا الْمُؤْمِنِ جُزْءٌ مِنْ سِتَّةٍ وَأَرْبَعِينَ جُزْءًا مِنَ النُّبُوَّةِ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever has seen me in a dream, then no doubt, he has seen me, for Satan cannot imitate my shape

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 91 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।