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सहीह बुख़ारी

नंबर 6984

नंबर 6984किताब 91, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى ـ هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ ـ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا سَلَمَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا قَتَادَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الرُّؤْيَا مِنَ اللَّهِ، وَالْحُلْمُ مِنَ الشَّيْطَانِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Qatada:The Prophet (ﷺ) said, "A true good dream is from Allah, and a bad dream is from Satan

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 91 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।