सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 592

नंबर 592किताब 9, नंबर 67
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، قَالَ حَدَّثَنَا الشَّيْبَانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ رَكْعَتَانِ لَمْ يَكُنْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَدَعُهُمَا سِرًّا وَلاَ عَلاَنِيَةً رَكْعَتَانِ قَبْلَ صَلاَةِ الصُّبْحِ، وَرَكْعَتَانِ بَعْدَ الْعَصْرِ‏.‏
Narrated `Aisha:Allah's Messenger (ﷺ) never missed two rak`at before the Fajr prayer and after the `Asr prayer openly and secretly

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।