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सहीह बुख़ारी

नंबर 553

नंबर 553किताब 9, नंबर 30
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ، قَالَ كُنَّا مَعَ بُرَيْدَةَ فِي غَزْوَةٍ فِي يَوْمٍ ذِي غَيْمٍ فَقَالَ بَكِّرُوا بِصَلاَةِ الْعَصْرِ فَإِنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ تَرَكَ صَلاَةَ الْعَصْرِ فَقَدْ حَبِطَ عَمَلُهُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Al-Malih [??]:We were with Buraida in a battle on a cloudy day and he said, "Offer the `Asr prayer early as the Prophet said, "Whoever leaves the `Asr prayer, all his (good) deeds will be annulled

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।