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सहीह बुख़ारी

नंबर 538

नंबर 538किताब 9, नंबर 15
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، حَدَّثَنَا أَبُو صَالِحٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَبْرِدُوا بِالظُّهْرِ، فَإِنَّ شِدَّةَ الْحَرِّ مِنْ فَيْحِ جَهَنَّمَ ‏"‏‏.‏ تَابَعَهُ سُفْيَانُ وَيَحْيَى وَأَبُو عَوَانَةَ عَنِ الأَعْمَشِ‏.‏
Narrated Abu Sa`id:that Allah's Messenger (ﷺ) said, "Pray Zuhr prayer when it becomes (a bit) cooler as the severity of heat is from the raging of the Hell-fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।