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सहीह बुख़ारी

नंबर 529

नंबर 529किताब 9, नंबर 8
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا مَهْدِيٌّ، عَنْ غَيْلاَنَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ مَا أَعْرِفُ شَيْئًا مِمَّا كَانَ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏ قِيلَ الصَّلاَةُ‏.‏ قَالَ أَلَيْسَ ضَيَّعْتُمْ مَا ضَيَّعْتُمْ فِيهَا‏.‏
Narrated Ghailan: Anas said, "I do not find (now-a-days) things as they were (practiced) at the time of the Prophet." Somebody said "The prayer (is as it was.)" Anas said, "Have you not done in the prayer what you have done?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।