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सहीह बुख़ारी

नंबर 6945

नंबर 6945किताब 89, नंबर 6
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ قَزَعَةَ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، وَمُجَمِّعٍ، ابْنَىْ يَزِيدَ بْنِ جَارِيَةَ الأَنْصَارِيِّ عَنْ خَنْسَاءَ بِنْتِ خِذَامٍ الأَنْصَارِيَّةِ، أَنَّ أَبَاهَا، زَوَّجَهَا وَهْىَ ثَيِّبٌ، فَكَرِهَتْ ذَلِكَ، فَأَتَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَرَدَّ نِكَاحَهَا‏.‏
Narrated Khansa' bint Khidam Al-Ansariya:That her father gave her in marriage when she was a matron and she disliked that marriage. So she came and (complained) to the Prophets and he declared that marriage invalid. (See Hadith No. 69, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 89 · (Statements made under) Coercion

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।