حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَجُلاً، اطَّلَعَ فِي بَعْضِ حُجَرِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَامَ إِلَيْهِ بِمِشْقَصٍ أَوْ بِمَشَاقِصَ وَجَعَلَ يَخْتِلُهُ لِيَطْعُنَهُ.
Narrated Anas: A man peeped into one of the dwelling places of the Prophet. The Prophet got up and aimed a sharp-edged arrow head (or wooden stick) at him to poke him stealthily
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।