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सहीह बुख़ारी

नंबर 6882

नंबर 6882किताब 87, नंबर 21
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي حُسَيْنٍ، حَدَّثَنَا نَافِعُ بْنُ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَبْغَضُ النَّاسِ إِلَى اللَّهِ ثَلاَثَةٌ مُلْحِدٌ فِي الْحَرَمِ، وَمُبْتَغٍ فِي الإِسْلاَمِ سُنَّةَ الْجَاهِلِيَّةِ، وَمُطَّلِبُ دَمِ امْرِئٍ بِغَيْرِ حَقٍّ لِيُهَرِيقَ دَمَهُ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "The most hated persons to Allah are three: (1) A person who deviates from the right conduct, i.e., an evil doer, in the Haram (sanctuaries of Mecca and Medina); (2) a person who seeks that the traditions of the Pre-Islamic Period of Ignorance, should remain in Islam (3) and a person who seeks to shed somebody's blood without any right

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 87 · Blood Money (Ad-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।