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सहीह बुख़ारी

नंबर 6814

नंबर 6814किताब 86, नंबर 43
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيِّ، أَنَّ رَجُلاً، مِنْ أَسْلَمَ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَحَدَّثَهُ أَنَّهُ قَدْ زَنَى، فَشَهِدَ عَلَى نَفْسِهِ أَرْبَعَ شَهَادَاتٍ، فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرُجِمَ، وَكَانَ قَدْ أُحْصِنَ‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah Al-Ansari:A man from the tribe of Bani Aslam came to Allah's Messenger (ﷺ) and Informed him that he had committed illegal sexual intercourse and bore witness four times against himself. Allah's Messenger (ﷺ) ordered him to be stoned to death as he was a married Person

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।