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सहीह बुख़ारी

नंबर 6807

नंबर 6807किताब 86, नंबर 36
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي بَكْرٍ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ‏.‏ وَحَدَّثَنِي خَلِيفَةُ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا أَبُو حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ، قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ تَوَكَّلَ لِي مَا بَيْنَ رِجْلَيْهِ وَمَا بَيْنَ لَحْيَيْهِ، تَوَكَّلْتُ لَهُ بِالْجَنَّةِ ‏"‏‏.‏
Narrated Sahl bin Sa`d:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever guarantees me (the chastity of) what is between his legs (i.e. his private parts), and what is between his jaws (i.e., his tongue), I guarantee him Paradise

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।