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सहीह बुख़ारी

नंबर 6795

नंबर 6795किताब 86, नंबर 24
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، حَدَّثَنِي مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ نَافِعٍ، مَوْلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَطَعَ فِي مِجَنٍّ ثَمَنُهُ ثَلاَثَةُ دَرَاهِمَ‏.‏ تَابَعَهُ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ وَقَالَ اللَّيْثُ حَدَّثَنِي نَافِعٌ قِيمَتُهُ
Narrated Ibn `Umar:Allah's Messenger (ﷺ) cut off the hand of a thief for stealing a shield that was worth three Dirhams

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।