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सहीह बुख़ारी

नंबर 6783

नंबर 6783किताब 86, नंबर 12
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَعَنَ اللَّهُ السَّارِقَ، يَسْرِقُ الْبَيْضَةَ فَتُقْطَعُ يَدُهُ، وَيَسْرِقُ الْحَبْلَ فَتُقْطَعُ يَدُهُ ‏"‏‏.‏ قَالَ الأَعْمَشُ كَانُوا يَرَوْنَ أَنَّهُ بَيْضُ الْحَدِيدِ، وَالْحَبْلُ كَانُوا يَرَوْنَ أَنَّهُ مِنْهَا مَا يَسْوَى دَرَاهِمَ‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "Allah curses a man who steals an egg and gets his hand cut off, or steals a rope and gets his hands cut off." Al-A`mash said, "People used to interpret the Baida as an iron helmet, and they used to think that the rope may cost a few dirhams

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।