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सहीह बुख़ारी

नंबर 6746

नंबर 6746किताब 85, नंबर 23
حَدَّثَنَا أُمَيَّةُ بْنُ بِسْطَامٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ رَوْحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَلْحِقُوا الْفَرَائِضَ بِأَهْلِهَا، فَمَا تَرَكَتِ الْفَرَائِضُ فَلأَوْلَى رَجُلٍ ذَكَرٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "Give the Fara'id (the shares of the inheritance that are prescribed in the Qur'an) to those who are entitled to receive it; and whatever is left should be given to the closest male relative of the deceased

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 85 · Laws of Inheritance (Al-Faraa'id)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।