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सहीह बुख़ारी

नंबर 6744

नंबर 6744किताब 85, नंबर 21
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْبَرَاءِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ آخِرُ آيَةٍ نَزَلَتْ خَاتِمَةُ سُورَةِ النِّسَاءِ ‏{‏يَسْتَفْتُونَكَ قُلِ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلاَلَةِ‏}‏
Narrated Al-Bara:The last Qur'anic Verse that was revealed (to the Prophet) was the final Verse of Surat-an-Nisa, i.e., 'They ask you for a legal verdict Say: Allah directs (thus) About those who leave No descendants or ascendants as heirs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 85 · Laws of Inheritance (Al-Faraa'id)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।