सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 6686

नंबर 6686किताब 83, नंबर 63
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ عَنْ سَوْدَةَ، زَوْجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ مَاتَتْ لَنَا شَاةٌ فَدَبَغْنَا مَسْكَهَا ثُمَّ مَا زِلْنَا نَنْبِذُ فِيهِ حَتَّى صَارَتْ شَنًّا‏.‏
Narrated Sauda:(the wife of the Prophet) One of our sheep died and we tanned its skin and kept on infusing dates in it till it was a worn out water skin

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।