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सहीह बुख़ारी

नंबर 6657

नंबर 6657किताब 83, नंबर 36
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنِي غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَعْبَدِ بْنِ خَالِدٍ، سَمِعْتُ حَارِثَةَ بْنَ وَهْبٍ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ أَلاَ أَدُلُّكُمْ عَلَى أَهْلِ الْجَنَّةِ، كُلُّ ضَعِيفٍ مُتَضَعَّفٍ، لَوْ أَقْسَمَ عَلَى اللَّهِ لأَبَرَّهُ، وَأَهْلِ النَّارِ كُلُّ جَوَّاظٍ عُتُلٍّ مُسْتَكْبِرٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Haritha bin Wahb:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "Shall I tell you of the people of Paradise? They comprise every poor humble person, and if he swears by Allah to do something, Allah will fulfill it; while the people of the fire comprise every violent, cruel arrogant person

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।